भारतीय काव्य परंपरा में दोहे अपनी गहराई, सरलता और प्रभावशीलता के लिए जाने जाते हैं। इन्हीं विशेषताओं को आत्मसात करते हुए प्रख्यात कवि/साहित्यकार श्री मंगल सिंह मंगल ने अपनी अद्भुत कृति “मंगल दोहावली” के माध्यम से साहित्य प्रेमियों को एक अनमोल उपहार दिया है।
इस पुस्तक में 1000 दोहों का ऐसा संग्रह है, जो न केवल पाठकों को मोहित करता है, बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं पर एक नई दृष्टि भी प्रदान करता है। मंगल सिंह मंगल जी के दोहे अपनी गहनता, सहजता और मधुरता के लिए जाने जाते हैं। हर दोहा एक ऐसा संदेश देता है, जो पाठकों को आत्ममंथन और प्रेरणा का अवसर प्रदान करता है।
मंगल सिंह मंगल: एक प्रतिष्ठित जनवादी रचनाकार हैं
यह उल्लेखनीय है कि मंगल सिंह मंगल की यह पुस्तक पंख प्रकाशन से प्रकाशित उनकी चौथी पुस्तक है। इससे पहले उनकी तीन पुस्तकें और प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन्हें पाठकों और समीक्षकों द्वारा बेहद सराहा गया है। उनकी लेखनी में गहराई, भावनाओं की सजीवता और भाषा का प्रवाह हर रचना को विशिष्ट बनाता है। उनकी कृतियाँ आज के पाठकों को परंपरा और आधुनिकता का संतुलन प्रदान करती हैं।
प्रकाशन और मूल्य
“मंगल दोहावली” का प्रकाशन प्रतिष्ठित पंख प्रकाशन द्वारा किया गया है। यह प्रकाशन साहित्यिक पुस्तकों के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध है। मात्र ₹250 की किफायती कीमत में यह पुस्तक साहित्य प्रेमियों के लिए एक मूल्यवान संपत्ति है।
क्यों पढ़ें “मंगल दोहावली”?
1000 दोहों का संग्रह, जो हर वर्ग के पाठकों के लिए उपयुक्त है।
जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहराई और सहजता से चर्चा।
मंगल सिंह मंगल की उत्कृष्ट लेखनी का अद्भुत उदाहरण।
पाठकों के दिलों को छू जाने वाला सरल और प्रभावशाली भाषा प्रयोग।
“मंगल दोहावली” न केवल एक पुस्तक है, बल्कि यह हिंदी साहित्य और दोहा परंपरा को समर्पित एक अमूल्य खजाना है। मंगल सिंह मंगल ने अपने दोहों में भावनाओं और विचारों को जिस खूबसूरती से पिरोया है, वह पाठकों को बार-बार इसे पढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। यदि आप साहित्य के प्रेमी हैं, तो यह पुस्तक आपके संग्रह का एक चमकता हुआ रत्न साबित होगी।
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