सत्यपाल सत्यम्……
हिंदी काव्य मंचो के लोकप्रिय कवियों की सूची इस एक नाम के बिना अधूरी है।
सत्यपाल सत्यम् आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। लगभग चार दशकों से हिन्दी काव्य मंचों पर अपनी लोकप्रियता का परचम लहराने वाले सत्यपाल सत्यम् जी भारतीय सेना में भी अपनी सेवा दे चुके हैं। हिन्दी काव्य मंचों पर ओजस्वी कविताओं द्वारा अपनी पहचान बनाने वाले सत्यम् जी के प्रेम गीत भी मंचों पर उतने ही प्रसिद्ध हैं जितनी इनकी ओज की कविताएँ। देश के लगभग हर प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित सत्यम् जी अनेकों बार प्रतिष्ठित लाल किले की प्राचीर, आकाशवाणी केन्द्र व दूरदर्शन से अपनी कविताओं का वाचन कर चुके हैं।
इस पुस्तक से पूर्व में सत्यम् जी की, कलंक नहीं दीखता (छन्द-संग्रह), बहारों में बनफूल (ग़ज़ल-संग्रह), प्रेम और आक्रोश (गीत-संग्रह), चंदामामा की कहानियाँ (कहानी-संग्रह), वीरांगनाएँ जो अमर हो गईं (लेख-संग्रह), इन गीतों में कौन छिपा है (गीत-संग्रह) आदि पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जो की पाठकों द्वारा काफी सराही जा चुकी हैं। वर्तमान में अध्यापन से सेवानिवृत्त होकर संपूर्ण समय साहित्य सेवा में लगाने वाले सत्यपाल सत्यम् जी की यह पुस्तक उनकी लोकप्रिय कविताओं, गीतों, गीतिकाओं एवं मुक्तकों आदि प्रतिनिधि रचनाओं का एक गुलदस्ता है।
एक प्रकाशक के रूप में उस रचनाकार को प्रकाशित करना और भी सुखद हो जाता है जिसे पढ़कर वह स्वयं बड़ा हुआ हो।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि हिन्दी कविताओं के पाठक निःसंदेह इस पुस्तक को पढ़कर सत्यम् जी को और अधिक करीब से जान सकेंगे तथा उनकी प्रतिनिधि रचनाओं का आनन्द ले सकेंगे।




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